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बुधवार, 26 नवंबर 2008

Weird human in history

अंधेरे में भी पढ सकता था

इटली में गियोबना गलान्ती नामक एक ऐसा बालक था, जो रात के अंधेरे में भी पढ़ सकता था | १९२८ में उसे उसकी स्वास्थ्य परीक्षा के बाद अमेरिका नही जाने दिया गया था | पढ़ते समय मुख्य कार्य मस्तिष्क करता है और कोई भी मस्तिष्क प्रकाश के बिना पढ़ नही सकता, फिर इस बालक में यह क्षमता कहाँ आई |

छः माह का था, बाइबल पढ़ लेता था

फ्रांस में जन्मे लुईस कार्डक ४ वर्ष की उम्र में ही अंग्रेजी, फ़्रांसीसी, जर्मनी तथा अन्य यूरोपीय भाषाएं बोल लेते थे | इससे भी बड़ा आश्चर्य यह था की वह छह माह की आयु में ही बाइबल पढ़ लेते थे | छः वर्ष की आयु तक पहुचने पर कोई भी प्रोफेसर गणित, इतिहास और भूगोल में इनकी बराबरी नही कर पता था |

बारह वर्ष का बारह भाषायें सीखी

स्काटलैंड में जेम्स क्रिस्टन नाम के बालक ने १२ वर्ष की उम्र में अरबी, ग्रीक, यहूदी, तथा फ्लेमिश सहित विश्व की १२ भाषाएं सिख ली थी | २० वर्ष में इन सभी भाषायों का पंडित हो गया था |

चौदह वर्ष का डी .फिल

ह्लेसी पास्कल ने बारह वर्ष की आयु में ही ध्वनि शास्त्र पर निबंध प्रस्तुत कर सारे फ्रांस को आश्चर्य में डाल दिया था | जीन फिलिप बेरोतियर को चौदह वर्ष की आयु में ही डाक्टर ऑफ़ फिलोसफी उपाधि मिल गयी थी | उनकी स्मरण सकती इतनी तीव्र थी की दिन याद कराने की देर होती थी, उस दिन की व्यतिगत, राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय घटनाये भी टेप की भांति दोहरा सकते थे |

तीन साल का और आठंवी में


जनि नामक ऑस्ट्रेलियाई बालक को जब तीन वर्ष की आयु में विद्यालय में प्रवेश कराया तो वो उसी दिन से आठंवी कक्षा के छात्रों की पुस्तक पढ़ लेता था | उसे हाई स्कूल में केवल इसलिए प्रवेश नही दिया जा सका, क्यूंकि उस समय उसकी आयु कुल पाँच वर्ष थी, जबकि निर्धारित आयु १२ वर्ष न्यूनतम थी |


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